जिंक से कोरोना का इलाज होने के सबूत नहीं, रोज 40 मिलीग्राम से ज्यादा का इसका सेवन न करें वयस्क; जानिए जिंक हमारे कितने काम की
डॉन मैकीन. कोरोनावायरस महामारी शुरू होने के बाद से ही हम लगातार जिंक के बारे में सुन रहे हैं। जिंक हमारे शरीर में मिलने वाला दूसरा सबसे आम मिनरल है। यह सभी ऑर्गन्स और सेल्स को प्रभावित करता है। इसकी जरूरत हमें मेटाबॉलिज्म, स्वाद और खुशबू का पता करने और खासतौर से ग्रोथ के दौरान पड़ती है। जिंक की कमी का सीधा असर हमारी हेल्थ पर होता है। इसकी कमी के चलते ग्रोथ में परेशानी, चोट का धीरे ठीक होना जैसी मुश्किलें सामने आती हैं। महामारी के दौरान जिंक की मांग तेजी से बढ़ी है और इसका उपयोग कोरोना मरीजों के इलाज में भी हो रहा है।
येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में न्यूरोलॉजी और इम्यूनो बायोलॉजी के प्रोफेसर डॉक्टर डेविड हैफलर कहते हैं, "यह एकदम साफ है कि अगर आप में जिंक की कमी है तो आपका इम्यून सिस्टम ठीक तरह से काम नहीं करेगा।" जानिए जिंक के इस्तेमाल को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स...
क्या जिंक कोविड 19 में मदद करता है?
अभी इस बात का कोई मजबूत सबूत नहीं है कि जिंक कोरोनावायरस से लड़ने में मदद कर सकता है या नहीं। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ ऑफिस ऑफ डायट्री सप्लीमेंट्स के लिए कंसल्टेंट और रजिस्टर्ड डाइटीशियन कैरोल हॉगन्स का कहना है, "इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि जिंक या दूसरे कोई भी विटामिन या मिनरल या दूसरे डायट्री सप्लीमेंट्स कोविड का इलाज कर सकते हैं।"
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने वायरस के इलाज और बचाव के लिए जिंक प्रोडक्ट्स बेच रहीं पांच कंपनियों को चेतावनी दी है। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि इस मामले में अभी और रिसर्च की जरूरत है।
क्या सर्दी जुकाम में मददगार है जिंक?
7 प्लेसिबो कंट्रोल्ड ट्रायल्स से मिले मेटा एनालिसिस के मुताबिक, जिंक की गोलियां सर्दी-जुकाम को करीब 33% तक कम कर सकती हैं। अगर आप जिंक लेना चाहते हैं तो सर्दी शुरू होने के 24 घंटे में ही ले लें। नाक के लाल होने का इंतजार न करें। अभी तक इसके उचित डोज की जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन मेटा एनालिसिस में पाया गया कि एक गोली को हर दो घंटे में लिया जाए तो इसके फायदे हो सकते हैं।
आगा खान यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ एंड डेवलपमेंट के डायरेक्टर जुल्फिकार भुट्टा ने कहा कि हुई स्टडीज छोटी थीं और उनका फोकस सीमित था। सर्दी-जुकाम पर जिंक के प्रभाव का पता करने के लिए उन्होंने कहा कि हमें बड़े, प्लेसिबो नियंत्रित ट्रायल्स की जरूरत है। इन ट्रायल्स में सामान्य और जिंक की कमी से जूझ रहे लोगों को शामिल किया जाना चाहिए।
क्या खाने से मुझे ज्यादा जिंक मिल सकता है, क्या मैं ज्यादा जिंक ले सकता हूं?
रजिस्टर्ड डाइटीशियन कहते हैं कि खाने के जरिए पोषण लेना बहुत जरूरी है। इसके बाद आप अपने डॉक्टर की मदद से जान सकते हैं कि आपको दूसरे सप्लीमेंट्स की जरूरत है या नहीं। वयस्कों को ज्यादा से ज्यादा 40 मिलीग्राम जिंक रोज लेना चाहिए। अगर आप लंबे समय तक ज्यादा ओरल जिंक ले रहे हैं तो इससे कॉपर यानी तांबा की कमी हो सकती है। यह मिनरल भी आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है।
जिंक लेने के दुष्प्रभाव में उल्टी, कम भूख लगना, दस्त, सिरदर्द और पेटदर्द शामिल है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में क्लीनिकल फार्मेसी की प्रोफेसर और फार्मासिस्ट कैथी डैनेही के मुताबिक, अगर आप बीमार हैं तो थोड़े वक्त के लिए ज्यादा जिंक ले सकते हैं। थोड़े वक्त से उनका मतलब 7-10 दिन है।
उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखें कि जिंक डॉक्टर्स के दूसरे बताए गए ड्रग्स के असर को प्रभावित कर सकती है। अगर आप दूसरी दवाइयों के साथ जिंक ले रहे हैं, तो हो सकता है कि जिंक उस दवा के साथ कॉम्लेक्सेज बना ले और असर को कम कर दे। इसलिए हम इन मिनरल्स के डोज को दूसरी दवाइयों के डोज से 2 घंटे के लिए अलग रखते हैं।
क्या मुझे महामारी के दौरान जिंक लेते रहना चाहिए?
खुद को कोरोनावायरस से बचाने के लिए मास्क पहनें, हाथ धोते रहें और दूसरे लोगों से दूरी बनाकर रखें। सर्दी-जुकाम के मामले में डॉक्टर इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए संतुलित डाइट, एक्सरसाइज, अच्छी नींद और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
डॉक्टर हैफ्लर कहते हैं "इस बात में कोई सवाल नहीं कि जिंक कितना जरूरी है। भले ही एक आप जिंक का पर्याप्त स्तर अपने शरीर में बना लें, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ज्यादा जिंक लेने से आपका इम्यून सिस्टम और मजबूत बनेगा।"
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