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Showing posts from September, 2020

कोरोना काल में लगातार बढ़ रही इंश्योरेंस क्लेम की संख्या, कोविड-19 के इलाज के लिए 29 सितंबर तक मिले 4,880 करोड़ रुपए के 3.18 लाख से ज्यादा दावे

पूरी दुनिया के साथ हमारे देश में भी कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। देश ने संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में भी बढ़ोतरी हुई है। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के अनुसार 29 सितंबर तक कुल 4,880 करोड़ रुपए के राशि के लिए 3.18 लाख से ज्यादा क्लेम आए हैं। इंश्योरेंस कंपनियों ने 29 सितंबर तक 1,964 करोड़ रुपए के 1.97 लाख क्लेम सेटल किए हैं। महाराष्ट्र में आ रहे सबसे ज्यादा क्लेम इनमें सबसे ज्यादा 1,710 करोड़ रुपए के 1.35 लाख दावे आए हैं। इसके बाद तमिलनाडु में 32,830 और गुजरात में 27,913 क्लेम आए हैं। काउंसिल के अनुसार अब रूरल और सेमी अर्बन इलाकों से भी ज्यादा क्लेम आने लगे हैं। अगस्त तक आए थे 1.69 लाख क्लेम जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के अनुसार अगस्त महीने तक कुल 2,641 करोड़ रुपए के राशि के लिए 1.69 लाख से ज्यादा क्लेम आए थे। इसके पहले जुलाई महीने के अंतिम सप्ताह तक कुल 1,300 करोड़ रुपए के राशि के लिए 80 हजार से ज्यादा क्लेम आए थे। इससे पहले जारी आंकड़ों के अनुसार बीमाधारकों के कोविड -19 के इलाज के लिए 19 जून तक 281 करोड़ रुपए की राशि के लिए 18,100 से अधिक क...

LPG रसोई गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी, 32 रुपए तक महंगा हुआ 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इस महीने भी एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडाइज्ड एलपीजी सिलेंडर के दाम दिल्‍ली में 594 रुपए पर स्थिर है। हालांकि, 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। IOC की वेबसाइट पर दिए गए प्राइस के मुताबिक, दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला रसोई गैस सिलेंडर 32 रुपए तक महंगा हो गया है। लगातार तीसरे महीने नहीं बढ़े दाम अगस्त और सितंबर में भी एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। इससे पहले जुलाई महीने में 14 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 4 रुपए तक कीमतें बढ़ाई गई थी। वहीं, इससे जून के दौरान दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडाइज्‍ड एलपीजी सिलेंडर 11.50 रुपए महंगा हो गया था। जबकि, मई में 162.50 रुपये तक सस्ता हुआ था। 14.2 किलोग्राम एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर की कीमत शहर दाम (रुपए में) दिल्ली 594.00 .मुंबई 620.50 कोलकाता 594.00 .00चेन्नई 610.00 महंगा हुआ 19 किलोग्राम वाला रसोई गैस सिलेंडर देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाल...

पीएफ, किसान विकास पत्र, एनएससी और सुकन्या जैसी स्कीम्स पर मिलती रहेंगी वर्तमान ब्याज दरें, दिसंबर तक रहेंगी लागू

लघु बचत योजना( स्माल सेविंग स्कीम) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही तक वर्तमान ब्याज दरें रखने का फैसला किया है। इस तरह से आपको मिलने वाली ब्याज दरों में कोई कमी नहीं आएगी। सरकार इसकी अगली समीक्षा अब दिसंबर में करेगी। इसका असर यह होगा कि पीपीएफ एनएससीएस आदि जैसी स्कीम्स पर आपको 7 प्रतिशत से ऊपर ब्याज मिलता रहेगा। सरकार ने किया फैसला सरकार ने इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक सुकन्या समृद्धि योजना, पोस्ट ऑफिस की बचत स्कीम आदि पर भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि इन स्कीम्स पर हर तिमाही में समीक्षा की जाती है। इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में समीक्षा की गई थी। तीसरी तिमाही में ये हैं स्कीम्स पर मिलने वाली ब्याज तीसरी तिमाही में आपको जिन स्कीम्स पर ब्याज दरें मिलेंगी उसमें यह स्कीम्स हैं। सेविंग डिपॉजिट पर सालाना 4 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी। एक से तीन साल तक की टाइम डिपॉजिट पर 5.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगी। जबकि 5 साल की टाइम डिपॉजिट पर आपको 6.7 और 5 साल की रिकरिंग डिपॉजिट पर 5.8 प्रतिशत ब्याज मिलेगी। 5 साल की सीनि...

हर 4 नए संक्रामक रोगों में से 3 का कारण जानवर हैं, मांसाहारी खाने में पानी की बर्बादी 15 गुना ज्यादा होती है; मीट डाइट छोड़ने में 8 तरीके करेंगे मदद

दुनिया कोरोनावायरस से जूझ रही है। हमने साल 2020 का आधे से ज्यादा वक्त संक्रमण के डर में गुजार दिया है। इसी महामारी के दौरान हम पहली बार वर्ल्ड वेजिटेरियन डे भी मना रहे हैं। कोरोना की शुरुआत में कहा जा रहा था कि यह चमगादड़ों के जरिए फैला। बाद में इसमें पेंगोलिन का नाम भी शामिल हुआ। हालांकि, यह जानना जरूरी है कि क्या मांस खाने की आदत इंसान के लिए जानलेवा भी बनी हुई है। वैज्ञानिक इस बात की चेतावनी देते हैं कि कोरोनावायरस के बाद भी हमें कई महामारियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में हमें जानवरों से फैलने वाली बीमारियों पर गौर करने की जरूरत है। 4 में से 3 नए संक्रमण जानवरों से आते हैं सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, हम रोज कई तरह से जानवरों के संपर्क में आते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि जानवरों में रहने वाले कुछ जर्म्स आपको बीमार भी कर सकते हैं। जानवरों के जरिए इंसानों तक पहुंचने वाले जर्म्स से होने वाली बीमारियों को जूनोटिक बीमारी कहते हैं। इन जर्म्स के कारण मौत भी हो सकती है। सीडीसी के अनुसार, जूनोटिक बीमारियां काफी आम होती हैं। वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया ...

सबसे ज्यादा दिमाग को नुकसान पहुंचाता है नशा, लत धीरे-धीरे नहीं एकदम छोड़ें; 8 तरीके जो कर सकते हैं आपकी मदद

मनोरंजन के लिए मशहूर बॉलीवुड आज ड्रग्स की वजह से दुनियाभर में चर्चा में है। इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे नशे की लत से जूझ रहे हैं। वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट 2020 के अनुसार, ड्रग्स के बढ़ते उपयोग के तार बढ़ती हुई दौलत से जुड़े हैं। रिपोर्ट बताती है कि विकासशील देशों के मुकाबले विकसित देशों में ड्रग्स का उपयोग ज्यादा है। कोकेन जैसे ड्रग्स का इस्तेमाल दुनिया के कई अमीर हिस्सों में किया जा रहा है। किसी भी अंग से ज्यादा दिमाग को नुकसान पहुंचाती है नशे की लत राजस्थान के कोटा में न्यूरो साइकेट्रिस्ट और काउंसलर डॉक्टर नीना विजयवर्गीय कहती हैं, 'नशा आपको हमेशा एडिक्शन यानी लत की ओर ले जाता है। कोई भी नशा नहीं करना चाहिए।' उनका कहना है कि सिगरेट की लत वालों को लगता है कि उनका केवल फेफड़ा कमजोर हो रहा है या शराब पीने वालों को लगता है कि इस नशे का असर उनके लिवर पर हो रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। कोई भी नशा हो वो लिवर, किडनी, फेफड़ों से ज्यादा दिमाग को नुकसान पहुंचाता है। क्या है एडिक्शन? अमेरिकन साइकेट्रिक एसोसिएशन के अनुसार, एडिक्शन एक मानसिक बीमारी जो किसी एक चीज (शराब, ड्रग्स) के लगातार उप...

अब 30 नवंबर तक भर सकेंगे वित्त वर्ष 2018-19 का इनकम टैक्स रिटर्न, चौथी बार बड़ी टैक्स भरने की आखिरी तारीख

कोरोना काल में केंद्र सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए एसेसमेंट ईयर 2019-20 (वित्त वर्ष 2018-19) के लिए आयकर रिटर्न भरने की डेडलाइन को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है। इससे पहले इसकी आखिरी तारीख 30 सितंबर रखी गई थी। आयकर विभाग (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) ने इसकी जानकारी ट्वीट के जरिए दी। चौथी बार बढ़ाई आखिरी तारीख सीबीडीटी ने आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख चौथी बार बढ़ाई है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 31 मार्च 2020 तक आईटीआर दाखिल करना था तब इसे 30 जून तक बढ़ाया गया था। फिर इसे बढ़ाकर 31 जुलाई और इससे बाद 30 सितंबर 2020 कर दिया गया। अब इसे चौथी बार आगे बढ़ाया गया है। वित्त वर्ष 2019-20 का रिटर्न भी 30 नवम्बर तक भरना है इससे पहले आयकर विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तारीख आगे बढ़ा दी थी। अब टैक्सपेयर्स 30 नवंबर 2020 तक ITR फाइल कर सकेंगे। क्या है फाइनेंशियल ईयर और एसेसमेंट ईयर? भले ही नया साल एक जनवरी से शुरू होकर 31 दिसंबर को खत्म हो जाता हो लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न एक अप्रैल से शुरू होकर अगले साल 31 मार्च तक ...

एचडीएफसी बैंक ने लॉन्च किया 'फेस्टिव ट्रीट्स', टू व्हीलर लोन पर प्रोसेसिंग फीस जीरो, एपल के प्रोडक्ट्स पर 7 हजार रु. तक की छूट

आने वाले फेस्टिव सीजन में बिजनेस ग्रोथ को देखते हुए आज एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए फेस्टिव ट्रीट्स (Festive Treats) को लॉन्च कर दिया है। बैंक इसके जरिए अपने ग्राहकों को लोन से लेकर बैंकिंग सेवाओं पर कई छूट देने जा रही है। बैंक इस बार ग्रामीण इलाकों को भी फोकस कर रहा है। इससे पहले सरकारी बैंक एसबीआई ने लोन प्रोसेसिंग फीस पर 100 फीसदी छूट का एलान कर चुकी है। प्रोसेसिंग फीस में 50 प्रतिशत की छूट एचडीएफसी बैंक फेस्टिव ट्रीट्स 2.0 ऑफर्स के तहत ऑटो लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस ग्रोथ लोन के लिए प्रोसेसिंग फीस में 50 प्रतिशत की छूट दे रही है। इसके अलावा टू व्हीलर लोन पर कोई प्रोसेसिंग फीस नही ले रही है। फेस्टिव सीजन में बैंक को उम्मीद है कि मोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपेरल्स, ज्वेलरी और डाइनिंग-इन कैटेगरी में अच्छे प्रदर्शन देखने को मिलेगा। रिटेल और बिजनेस कस्टमर्स के लिए सभी फाइनेंशियल सॉल्यूशंस पर ऑफर मिलेंगे। 22.5 प्रतिशत तक का कैशबैक फेस्टिव ट्रीट्स में लोन पर प्रोसेसिंग फीस की छूट और ईएमआई में छूट के साथ-साथ ग्राहकों को कैशबैक, गिफ्ट वाउचर और कई अन्य फायदे भी ...

अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंची बैंक क्रेडिट ग्रोथ, आपकी जेब पर भी होगा इसका असर

देश में बैंक क्रेडिट ग्रोथ अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गए है। अप्रैल 2020 में बैंक क्रेडिट ग्रोथ 5.26 फीसदी पर आ गया। इससे पहले 1994 में भी बैंक क्रेडिट ग्रोथ 6 फीसदी के करीब आई थी। जनवरी 2020 में ये ग्रोथ 8.5 फीसदी थी। बैंक क्रेडिट ग्रोथ पिछले साल 10.4 फीसदी बढ़ी थी जबकि इस साल बैंक क्रेडिट ग्रोथ में लगातार गिरावट आ रही है। सोर्स: कैपिटल माइंड क्रेडिट ग्रोथ क्या होता है? इसका मतलब बैंकों द्वारा कंपनियों, बिजनेसमैनों या लोगों को दिए जाने वाले उधार से है। यानी लोन में ग्रोथ क्रेडिट तब बढ़ता है जब इंडस्ट्रियल रिफॉर्म होते हैं। नई-नई इंडस्ट्रीज आती हैं। पैसों की जरूरत होती है लोग बैंक से जितना कर्ज लेते हैं बैंक क्रेडिट ग्रोथ उतनी ही ज्यादा बढ़ती है। क्यों घट रही बैंक क्रेडिट ग्रोथ? लोन लेने की ग्रोथ रेट में गिरावट की वजह मुख्य रूप से सर्विस सेक्टर बना। इस सेक्टर में लोन की ग्रोथ रेट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी 2020 में सर्विस सेक्टर के लोन की ग्रोथ रेट 8.9 फीसदी रही, जो जनवरी 2019 में 23.9 फीसदी थी। वहीं गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को बैंकों के लोन की ग्र...

कल से डेबिट और क्रेडिट कार्ड के बदल जाएंगे नियम; एसबीआई समेत कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को भेजा अलर्ट मैसेज, जानिए RBI की इस नई गाडइलाइंस के बारे में ?

अगर आप डेबिट और क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो इस खबर के बारे में जानना आप के लिए जरूरी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। यह बदलाव आपके इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और कॉन्टैक्टलेस कार्ड ट्रांजेक्शन से जुड़े हैं। इसे 30 सितंबर 2020 यानी आज रात से लागू कर दिया जाएगा। साथ ही डेबिट-क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली कुछ खास सर्विसेज को बंद कर दिया जाएगा। मतलब 1 अक्टूबर से यह सर्विस आपको नहीं मिलेगी। फ्रॉड को रोकने के लिए बदला नियम कल से कुछ सर्विस बैंक के सभी ग्राहकों के लिए बंद होंगी। देश के सबसे बड़े बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को इसके लिए मैसेज भी भेजा है। इसमें ग्राहकों को बताया गया है कि उनके क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर मिलने वाली कुछ सर्विसेस 30 सितंबर 2020 से बंद की जा रही हैं। बता दें कि आपके कार्ड से इंटरनेशनल लेन-देन की सेवाएं बंद की जा रही हैं। आरबीआई ने यह कदम ग्राहकों की सुरक्षा के लिए ही किया गया है। दरअसल, रिजर्व बैंक ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड को लेकर ...

पर्सनल लोन लेने का बना रहे हैं प्लान, यूनियन बैंक 8.90% ब्याज दर पर दे रहा लोन; यहां जानें कौन से बैंक कम ब्याज पर दे रहे कर्ज

कोरोना काल में कई लोगों को पैसों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे निपटने के लिए लोग पर्सनल लोन का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो इसके लिए आपका ये जानना बहुत जरूरी है कि कौन सा बैंक किस इंटरेस्ट रेट पर लोन दे रहा है। लोन राशि और ब्याज दर आपकी आय, ऋण, री-पेमेंट क्षमता जैसी बातों पर निर्भर करती है। हम आपको बता रहे हैं वर्तमान में अलग-अलग बैंकों में पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट रेट्स क्या है। पर्सनल लोन की ब्याज दरें बैंक ब्याज दर (%) ईएमआई (रु.) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 8.90 10,355 पंजाब नेशनल बैंक 8.95 10,367 इंडियन बैंक 9.20 10,428 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 9.60 10,525 बैंक ऑफ महाराष्ट्र 9.70 10,550 सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 9.85 10,587 यूको बैंक 10.05 10,636 बैंक ऑफ बड़ौदा 10.25 10,685 HDFC बैंक 10.75 10,809 कोटक बैंक 10.75 10,809 कितना देना होगा ब्याज 9 फीसदी पर लोन लेने पर लोन अमाउंट 5 लाख रु. अवधि 5 साल EMI 10,379 रु. कुल ब्याज 1,22,751 रु. कुल पेमेंट 6,22,751 ...

पर्सनल लोन लेने का बना रहे हैं प्लान, यूनियन बैंक 8.90% ब्याज दर पर दे रहा लोन; यहां जानें कौन से बैंक कम ब्याज पर दे रहे कर्ज

कोरोना काल में कई लोगों को पैसों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे निपटने के लिए लोग पर्सनल लोन का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो इसके लिए आपका ये जानना बहुत जरूरी है कि कौन सा बैंक किस इंटरेस्ट रेट पर लोन दे रहा है। लोन राशि और ब्याज दर आपकी आय, ऋण, री-पेमेंट क्षमता जैसी बातों पर निर्भर करती है। हम आपको बता रहे हैं वर्तमान में अलग-अलग बैंकों में पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट रेट्स क्या है। पर्सनल लोन की ब्याज दरें बैंक ब्याज दर (%) ईएमआई (रु.) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 8.90 10,355 पंजाब नेशनल बैंक 8.95 10,367 इंडियन बैंक 9.20 10,428 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 9.60 10,525 बैंक ऑफ महाराष्ट्र 9.70 10,550 सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 9.85 10,587 यूको बैंक 10.05 10,636 बैंक ऑफ बड़ौदा 10.25 10,685 HDFC बैंक 10.75 10,809 कोटक बैंक 10.75 10,809 कितना देना होगा ब्याज 9 फीसदी पर लोन लेने पर लोन अमाउंट 5 लाख रु. अवधि 5 साल EMI 10,379 रु. कुल ब्याज 1,22,751 रु. कुल पेमेंट 6,22,751 ...

Video: दुल्‍हन ने अलग स्‍टाइल में लगवाई हल्‍दी, लोगों ने ऐसे लिए मजे

वायरल वीडियो (Viral Video) में दिख रहा है की हल्‍दी की रस्‍म में भी सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन किया जा रहा है. इसीलिए हाथ की बजाय रिश्‍तेदार दुल्‍हन को पेंट रोलर से हल्‍दी लगा रहे हैं. from Latest News OMG News18 हिंदी https://ift.tt/36hzdsM

सांड ने दादी को उठाकर फेंका तो पोते ने जान पर खेलकर बचाया, देखें वीडियो

वायरल वीडियो (Viral Video) में एक बच्‍चा अपनी जान दांव पर लगाकर दादी की जान बचाते दिख रहा है. इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. लोग इस बच्‍चे की भी प्रशंसा कर रहे हैं. from Latest News OMG News18 हिंदी https://ift.tt/3igVbhM

फेस्टिव सीजन में ग्राहकों की चांदी, एसबीआई के बाद एचडीएफसी बैंक भी कल करेगी 'फेस्टिव ट्रीट्स' को लॉन्च

आने वाले दिनों फेस्टिव सीजन के चलते बिजनेस ग्रोथ का अनुमान है। ऐसे में ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ-साथ बैंकों भी ग्राहकों के लिए खास ऑफर पेश कर रही हैं। प्राइवेट क्षेत्र की बैंकिंग कंपनी एचडीएफसी बैंक कल से 'फेस्टिव ट्रीट्स' (Festive Treats) को लॉन्च करेगी। इससे पहले सरकारी बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों के लिए 100 प्रतिशत प्रोसेसिंग फीस की छूट देने की घोषणा की है। एचडीएफसी बैंक का 'फेस्टिव ट्रीट्स' ऑफर कोरोना के बीच कारोबार को एकबार फिर से पटरी पर लाने के लिए बैंकों ने भी कमर कस ली है। इस लिहाज से आने वाला फेस्टिव सीजन बेहद खास है। एचडीएफसी बैंक ने अपने फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग, लोन, ईएमआई और अन्य फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन सहित प्रोसेसिंग फीस पर भारी छूट दे सकती है। पिछले साल भी बैंक ने ग्राहकों को फेस्टिव ट्रीट के तहत अच्छे ऑफर्स पेश कर चुकी है। आमतौर पर फेस्टिव सीजन में होम लोन, कार लोन और गोल्ड लोन लेते हैं, जिसमें प्रोसेसिंग फीस पर मिलने वाली रियायतें ग्राहकों को लोन लेने की ओर प्रोत्साहित कर सकती है। फेस्टिव सीजन में एसबीआई का ऑफर इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया...

जिंक से कोरोना का इलाज होने के सबूत नहीं, रोज 40 मिलीग्राम से ज्यादा का इसका सेवन न करें वयस्क; जानिए जिंक हमारे कितने काम की

डॉन मैकीन. कोरोनावायरस महामारी शुरू होने के बाद से ही हम लगातार जिंक के बारे में सुन रहे हैं। जिंक हमारे शरीर में मिलने वाला दूसरा सबसे आम मिनरल है। यह सभी ऑर्गन्स और सेल्स को प्रभावित करता है। इसकी जरूरत हमें मेटाबॉलिज्म, स्वाद और खुशबू का पता करने और खासतौर से ग्रोथ के दौरान पड़ती है। जिंक की कमी का सीधा असर हमारी हेल्थ पर होता है। इसकी कमी के चलते ग्रोथ में परेशानी, चोट का धीरे ठीक होना जैसी मुश्किलें सामने आती हैं। महामारी के दौरान जिंक की मांग तेजी से बढ़ी है और इसका उपयोग कोरोना मरीजों के इलाज में भी हो रहा है। येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में न्यूरोलॉजी और इम्यूनो बायोलॉजी के प्रोफेसर डॉक्टर डेविड हैफलर कहते हैं, "यह एकदम साफ है कि अगर आप में जिंक की कमी है तो आपका इम्यून सिस्टम ठीक तरह से काम नहीं करेगा।" जानिए जिंक के इस्तेमाल को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स... क्या जिंक कोविड 19 में मदद करता है? अभी इस बात का कोई मजबूत सबूत नहीं है कि जिंक कोरोनावायरस से लड़ने में मदद कर सकता है या नहीं। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ ऑफिस ऑफ डायट्री सप्लीमेंट्स के लिए कंसल्टेंट और रजिस्...

अब आपके हेल्थ इंश्योरेंस का दावा बीमा कंपनियां खारिज नहीं कर सकती हैं, जानिए एक अक्टूबर से क्या है नया नियम

स्वास्थ्य बीमा लेने वालों के लिए बड़ी खबर है। अब तक आपने देखा होगा कि बीमा कंपनियां तरह-तरह के कारण बता कर हेल्थ इंश्योरेंस के दावे को खारिज कर देती थीं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब बीमा कंपनियां आपके दावों को खारिज नहीं कर पाएंगी। यह नियम एक अक्टूबर से लागू हो जाएगा। हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम लगातार भरना होगा नियम के मुताबिक अगर आपने अपने हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम लगातार 8 सालों तक भरा है तो ऐसे में बीमा कंपनियां किसी भी कारण को बताकर इसे खारिज नहीं कर पाएंगी। नए नियमों के तहत बीमा कंपनियों की मनमानी नहीं चल पाएगी। हेल्थ कवर में ज्यादा से ज्यादा बीमारियों के लिए इलाज का क्लेम मिलेगा। हालांकि, अधिक बीमारियों के कवर होने की वजह से प्रीमियम महंगा हो सकता है। बीमारियों के कवरेज का दायरा बढ़ेगा खबर है कि अब बीमारियों के कवरेज का दायरा बढ़ेगा। सभी कंपनियों में कवर के बाहर वाली स्थाई बीमारियां समान होंगी। कवर के बाहर वाली स्थाई बीमारियों की संख्या घटकर 17 रह जाएगी। लोगों के पास कंपनी की सीमा खत्म होने के बाद दूसरी कंपनी में क्लेम करने की सुविधा मिलेगी। 30 दिन के भीतर कंपनियों को दावा...

शेयर बाजार में दिख रही है अनिश्चतता, आप निवेशक हैं तो जानिए कैसे हैंडल करके आप इससे जीत सकते हैं

शेयर बाजार की अस्थिरता से हर कोई निवेशक डरता है। यह पता नहीं होता है कि अगले घंटे में बाजार हमें लाभ देगा या घाटा देगा। हालांकि इस अनिश्चितता या उतार-चढ़ाव का कई कारण होता है। इन कारणों का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। अगर आप इस उतार-चढ़ाव का सही आंकलन कर लाभ कमाना चाहते हैं तो आपको इसके लिए लंबी अवधि की निवेश की रणनीति अपनानी होगी। स्टॉक मार्केट की इस अस्थिरता से निपटने के लिए आवश्यक पहलुओं के बारे में एंजल ब्रोकिंग के सीनियर रिसर्च जयकिशन परमार ने बताया। जानते हैं बाजार की ऐसी स्थिति में क्या रणनीति आपको अपनानी चाहिए। अस्थिर बाजार को देखना सीखें स्टॉक मार्केट की अस्थिरता से निपटना है तो पहला सबक यह है कि आपको इसे स्पॉट करना समझना होगा। तभी आप आगे बढ़ने के लिए सही तरीका तय कर सकेंगे। पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात, अस्थिर मार्केट की दो प्रमुख विशेषताएं हैं- कीमत में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव और बहुत ज्यादा ट्रेडिंग। आमतौर पर, यह ट्रेड ऑर्डर्स में असंतुलन दिखाता है। कुछ मामलों में कंपनी से जुड़ी खबरें या आईपीओ से भी ऐसा होता है। ऐसे बाजार का शुरुआती आंकलन डे ट्रेडर्स, शॉर्ट-सेलर्स और ...

देखिए UP के 5 OMG वीडियो, कहीं जानवर निगलने में घायल हुआ अजगर तो कहीं...

उत्तर प्रदेश में कहीं बड़ा जानवर निगलने में घायल हुआ अजगर (Python) सड़क पर निढाल पड़ा दिखाई दिया तो कहीं नेशनल हाइवे पर नाग-नागिन (Naag-Nagin) का जोड़ा देखकर ट्रैफिक की रफ्तार थम गई. ऐसे ही 5 अजब-गजब वीडियो (OMG Video) देखिए. from Latest News OMG News18 हिंदी https://ift.tt/3icwsvf

तेल कंपनियों ने सिर्फ लॉकडाउन में कमाया पूरे साल का मुनाफा, कोरोना के बढ़ते प्रकोप से कच्चे तेल की मांग भी घटी

साल की शुरुआत में पेट्रोल की कीमत को पार करने के बाद भारत में डीजल का भाव प्राइस धीरे-धीरे कम हो रही है। डीजल की कीमत में कटौती का आज लगातार चौथा दिन है। आज डीजल का दाम 8 पैसे कम हुआ है। वहीं पेट्रोल का भाव पिछले 7 दिन से स्थिर है। बढ़ते कोरोना के प्रकोप के चलते कच्चे तेल की मांग भी घटी है। इससे पहले लॉकडाउन के दौरान जब कच्चे तेल की कीमत घटी थी तब ऑयल कंपनियों ने टैक्स के जरिए अच्छा मुनाफा कमाया। दुनियाभर में कच्चे तेल की डिमांड घटी सरकारी तेल कंपनियों ने डीजल के ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। डीजल की कीमत में आज लगातार 4 दिन से कम हुआ है, जबकि पेट्रोल के भाव में आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल की कीमत में आखिरी बार 22 सितंबर को 7 से 8 पैसे प्रति लीटर की गिरावट देखी गई थी। इससे पहले अगस्त और जुलाई में पेट्रोल की कीमत बढ़ रही थी। डीजल का भाव सबसे ज्यादा जुलाई माह में बढ़ाया गया था। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल की डिमांड में गिरावट है। ऑयल कंपनियों को लॉकडाउन में हुआ मुनाफा चालू वित्त वर्ष में जब पहली तिमाही में इकोनॉमी का हाल अच्छी नहीं रही, लेकिन ऑयल ...

रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम की मदद से बच्चों की शादी या पढ़ाई के लिए 10 साल में आसानी से तैयार कर सकते हैं 10 लाख रुपए का फंड, यहां समझें इसका पूरा गणित

सीमित आय वालों के लिए बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए पैसा इकट्ठा कर पाना आसान नहीं रहता है। लेकिन रिकरिंग डिपॉजिट (RD) एक ऐसी स्कीम है जो आपका ये काम आसान कर सकती है। इस स्कीम की खास बात ये है कि इसमें आपको FD से बेहतर ब्याज तो मिलता ही है साथ ही आपका पैसा भी सुरक्षित रहता है। आज हम आपको आज बता रहे हैं आप कैसे RD में रोजाना सिर्फ 200 रुपए निवेश कर 10 लाख रुपए की बड़ी रकम तैयार कर सकते हैं। यहां जानें कहां निवेश करने पर मिलेगा ज्यादा फायदा? बैंक ऑफ इंडिया(BOI) अवधि ब्याज दर(%) 1 साल से और 2 साल से कम 6.65 2 साल से और 3 साल से कम 6.70 3 साल से और 8 साल से कम 6.50 8 से 10 साल के लिए 6.35 ये बैंक 10 साल की आरडी पर 6.35 फीसदी ब्याज दे रहा है। अगर आप इसमें रोजाना 200 रुपए यानी 6 हजार रुपए महीना इन्वेस्ट करते हैं तो 6.35 फीसदी सालाना ब्याज दर के हिसाब से 10 साल बाद मच्याेर होने पर यह लगभग 1,005,625 रुपए हो जाएंगे। यानी आपको 285,625 रुपए ब्याज के रूप में मिलेंगे। ICICI बैंक अवधि ब्याज दर(%) 1 साल 5.80 2 साल 5.80 3 साल 6.00 5 से 10 साल के लिए 6.0...

शादी से पहले दुल्हन भागने पर मिलता है इंश्योरेंस; भूत-प्रेत के बीमा पर भी मिलता है क्लेम, जानिए इस तरह के दिलचस्प इंश्योरेंस प्लान के बारे में?

आपने हेल्थ, ट्रेवल, एक्सीडेंट पर मिलने वाले इंश्योरेंस कवर के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन आपको शायद ही पता हो कि एलियन, वैंपायर और शादी से पहले दुल्हन के भागने पर भी इंश्योरेंस मिलता है। जी हां! कई ऐसी बीमा कंपनियां हैं जो कि खास तौर पर इस तरह की कवर प्लान देती हैं जिनके बारे में हमें पता भी नहीं होता है। आइए, इनमें से कुछ खास इंश्योरेंस प्लान के बारे में जानते हैं। दुल्हन के भागने पर इंश्योरेंस बहुत कम लोगों को ही पता है कि शादी से पहले अगर दूल्हा या दुल्हन भाग जाते हैं तो इसके लिए कई बीमा कंपनियों से आप इंश्योरेंस कवर ले सकते हैं। इस पॉलिसी के तहत आप उन पैसों के लिए बीमा कंपनियों से दावा कर सकते हैं, जो शादी के समय आपने सजावट की है या कोई और खर्च है। इसमें खाना भी शामिल है। बीमा कंपनियां इन खर्चों का क्लेम देती हैं। जानिए क्या है वेडिंग इंश्योरेंस पॉलिसी शादी के लिए इंश्योरेंस कंपनियां कई तरह की पॉलिसी तैयार रखती हैं। आपकी जरूरत के मुताबिक पैकेज तैयार रहता है। आप अपनी सुविधानुसार कोई पैकेज चुन सकते हैं। क्यों है वेडिंग इंश्योरेंस की जरूरत शादी कैंसिल होने, आपके जेवर चोरी ह...

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, मंथली इनकम स्कीम या SBI बैंक FD में से कहां निवेश करना रहेगा ज्यादा फायदेमंद, यहां समझें इसका पूरा गणित

बिना सोचे समझे कहीं भी पैसा निवेश करने से आप परेशानी में फंस सकते हैं। इससे आपकी मेहनत की कमाई बर्बाद भी हो सकती है। ऐसे में अगर आप अपना पैसा कहीं ऐसी जगह निवेश करना चाह रहे हैं जहां आपका पैसा भी सुरक्षित रहे और आपको रिटर्न भी मिलता रहे तो पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट, मंथली इनकम स्कीम और SBI में FD में निवेश कर सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि इन 3 जगह निवेश करने पर आपको कितना फायदा होगा। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम यह एक तरह की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) है। इसमें एक तय अवधि के लिए एकमुश्त पैसा निवेश करके आप निश्चित रिटर्न और ब्याज भुगतान का फायदा ले सकते हैं। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट 1 से 5 साल तक की अवधि के लिए 5.5 से 6.7 फीसदी तक ब्याज दर की पेशकश करता है। भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 5 साल की सावधि जमा के तहत निवेश करने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं। इसमें 1000 रुपए का मिनिमम निवेश करना होता है। वहीं अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इस स्कीम से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें 5 साल के लिए निवेश करने पर क...

कोरोना से उबरने वाले 6% मरीजों को दिल से जुड़ी दिक्कतें, बचने के लिए मास्क को वैक्सीन की तरह इस्तेमाल करें; 5 तरीकों से दिल को मजबूत बनाएं

आज हार्ट-डे है। यानी हमारे दिल का दिन है। इस साल हमारा दिल सबसे ज्यादा आहत और डैमेज हुआ है। वजह- कुछ और नहीं कोरोनावायरस ही है। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल की रिसर्च के मुताबिक, कोरोना से उबरने वाले 80 फीसदी लोगों में दिल से जुड़ी दिक्कतें देखी गई हैं। यह रिसर्च मई-जून में हुई थी। कोरोना से हमारा दिल कितना कमजोर हुआ है? इस पर देश के जाने-माने ह्रदय रोग विशेषज्ञ और एम्स दिल्ली में डीएम कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संजय कुमार चुघ कहते हैं कि हालिया जो रिसर्च आई हैं, उसके मुताबिक 2.6% से 6% कोरोना मरीजों के दिल पर ही वायरस का असर हुआ है। पहले कुछ रिसर्च और स्टडी हुई थीं, जिनमें यह आंकड़ा ज्यादा था। हालांकि, अब ये संख्या कम हो गई है। इसमें भी वे लोग ज्यादा हैं, जिन्हें हार्ट की समस्या पहले से है या वे लोग हैं जो हाई रिस्क ग्रुप में हैं या पहले कोई ऑपरेशन हो रखा है। इसके अलावा जिन्हें कैंसर हो चुका है, जिनकी पहले एंजियोप्लास्टी हो रखी है, जिसे डायबिटीज है, हाई ब्लड प्रेशर है, मोटापा है, फेफड़े की क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस या एम्फसीमा है। ऐसे लोगों को ज्यादा रिस्क है। देश में 6 करोड़ से ज्यादा दिल के...